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इंदौर में स्थापना दिवस का भव्य समारोह: लता मंगेशकर सभागृह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम, कैलाश विजयवर्गीय रहे मुख्य अतिथि

सांकेतिक चित्र: इंदौर में स्थापना दिवस समारोह सांकेतिक चित्र: इंदौर शहर का दृश्य

इंदौर ब्यूरो

सार: मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर इंदौर में जिला स्तरीय मुख्य समारोह उत्साह के साथ मनाया गया। राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर सभागृह में हुए समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि रहे। स्कूली विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विभागीय प्रदर्शनियों और हितलाभ वितरण के साथ शहर में स्थापना दिवस का उत्सव देखने को मिला।

मध्य प्रदेश ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को अपना 71वां स्थापना दिवस मनाया। प्रदेश के हर जिले में इस अवसर पर विशेष समारोह आयोजित किए गए, लेकिन इंदौर का जिला स्तरीय मुख्य समारोह अपनी भव्यता और सहभागिता के कारण खास रहा। सुबह से ही शहर में उत्सव का माहौल नजर आया। सरकारी भवनों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया और समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और शहर के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी ने समारोह को गरिमा प्रदान की।

इंदौर में जिला स्तरीय मुख्य समारोह

इंदौर का जिला स्तरीय मुख्य समारोह राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर सभागृह में आयोजित किया गया। समारोह सुबह 10:30 बजे से शुरू हुआ। इसमें नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला प्रशासन की ओर से समारोह की तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। समारोह स्थल पर व्यवस्थाएं इस तरह की गई थीं कि बड़ी संख्या में आए नागरिक, विद्यार्थी और अधिकारी कार्यक्रम का आनंद ले सकें।

जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार किया गया। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों के समारोहों के लिए मुख्य अतिथि नामित किए गए थे। इंदौर की जिम्मेदारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी गई थी। इस तरह इंदौर का समारोह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के स्थापना दिवस की जिला स्तरीय औपचारिकता का केंद्र भी बना।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में प्रदेश की झलक

सांकेतिक चित्र: इंदौर में स्थापना दिवस समारोह
सांकेतिक चित्र: इंदौर में स्थापना दिवस समारोह

समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा स्कूली विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से मध्य प्रदेश की लोककला, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को मंच पर जीवंत कर दिया। लोकनृत्य, संगीत और समूह प्रस्तुतियों ने दर्शकों को प्रदेश की विविधता से रूबरू कराया।

इन प्रस्तुतियों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं था। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। मंच पर जब विद्यार्थियों ने प्रदेश की परंपराओं को प्रस्तुत किया, तो दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी प्रस्तुतियों की सराहना की।

विकास प्रदर्शनी और हितलाभ वितरण

समारोह स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों की ओर से आकर्षक प्रदर्शनियां लगाई गईं। इन प्रदर्शनियों में विभागों की विकासात्मक गतिविधियों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। नागरिकों को यह जानने का अवसर मिला कि उनके जिले में किन योजनाओं पर काम हो रहा है और किन क्षेत्रों में प्रगति हुई है। प्रदर्शनी में सरकारी विभागों की गतिविधियों और उत्पादों को भी दिखाया गया।

इसके साथ ही, विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के तहत पात्र हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए गए। स्थापना दिवस के मौके पर आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाना समारोह का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा। प्रशासन का मानना है कि उत्सव के साथ-साथ जनकल्याण का यह पक्ष स्थापना दिवस के आयोजन को सार्थक बनाता है। हितलाभ वितरण से यह संदेश गया कि विकास की यात्रा केवल मंच तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।

सरकारी भवनों पर रोशनी, शहर में उत्सव का माहौल

मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर इंदौर जिले के प्रमुख सरकारी भवनों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। इसके लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की थीं। शाम होते ही रोशनी से सजे भवन शहर के उत्सवी माहौल को और बढ़ा देते हैं। समारोह के दिन शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भी उत्सव की झलक देखने को मिली।

सभी शासकीय कार्यालयों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मुख्य समारोह में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इस निर्देश का उद्देश्य यह था कि स्थापना दिवस का समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम न रहकर पूरे प्रशासन की सहभागिता वाला आयोजन बने। बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी ने इस उद्देश्य को पूरा किया।

प्रदेशभर में जिला स्तरीय समारोह, किस जिले में कौन मुख्य अतिथि

स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। राज्य स्तरीय मुख्य समारोह भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि रहे। इसके अलावा जिलों के लिए नामित मुख्य अतिथियों की सूची सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से पहले ही जारी कर दी गई थी।

इस सूची के अनुसार ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जबलपुर में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि रहे। बैतूल में विधायक हेमंत खंडेलवाल, खंडवा में मंत्री कुंवर विजय शाह, नरसिंहपुर में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, देवास में मंत्री तुलसीराम सिलावट, उज्जैन में राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और खरगोन में मंत्री विश्वास सारंग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस व्यवस्था से प्रदेशभर में स्थापना दिवस के समारोह एक समान गरिमा के साथ मनाए गए।

भोपाल में राज्य स्तरीय राज्योत्सव, तीन दिन चलेगा उत्सव

भोपाल में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्य स्तरीय राज्योत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस उत्सव की केंद्रीय थीम विरासत से विकास के पथ की ओर अग्रसर प्रदेश रखी गई है। राज्योत्सव में प्रदेश की सात दशकों की गौरवशाली विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 नवंबर को सुबह 11 बजे आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन कर अवलोकन किया। शाम 6:30 बजे मुख्य सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ हुआ, जिसमें पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की सुगम संगीत प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को 20 से अधिक पारंपरिक लोक नृत्यों और वाद्यवृंद की प्रस्तुतियां होंगी, वहीं 3 नवंबर को लोक गायक मामे खान के लोक गायन के साथ राज्योत्सव का समापन होगा।

71 वर्ष की यात्रा, देश का दिल कहलाता है मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। उसी दिन से प्रदेश हर वर्ष 1 नवंबर को अपना स्थापना दिवस मनाता है। इस वर्ष प्रदेश ने अपना 71वां स्थापना दिवस मनाया। देश के दिल के नाम से पहचाने जाने वाले इस प्रदेश की पहचान उसकी गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़ी है।

पिछले सात दशकों में प्रदेश ने कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लंबी यात्रा तय की है। स्थापना दिवस का आयोजन इसी यात्रा को याद करने और आगे की दिशा तय करने का अवसर भी होता है। इंदौर जैसे शहरों में जिला स्तरीय समारोह इस बात का प्रतीक हैं कि विकास की यह यात्रा केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि हर जिले तक पहुंच रही है।

आगे क्या, उत्सव जारी रहेगा

इंदौर में स्थापना दिवस का जिला स्तरीय मुख्य समारोह संपन्न होने के बाद भी उत्सव का माहौल जारी रहेगा। सरकारी भवनों पर रोशनी और शहर में सजावट आने वाले दिनों में भी लोगों को स्थापना दिवस की याद दिलाती रहेगी। वहीं, भोपाल में राज्योत्सव 3 नवंबर तक चलेगा, जिसमें लोक संस्कृति, विकास प्रदर्शनियों और व्यंजन मेले का आनंद लिया जा सकेगा।

स्थापना दिवस के ये आयोजन प्रदेश के लोगों को अपनी विरासत पर गर्व करने और विकास की नई उड़ान की ओर बढ़ने का संदेश देते हैं। इंदौर का समारोह इस संदेश का एक जीवंत उदाहरण रहा, जहां संस्कृति, विकास और जनकल्याण एक ही मंच पर नजर आए।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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