भोपाल ब्यूरो
सार: भोपाल और इंदौर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। 30 अक्टूबर, शुक्रवार से दोनों शहरों के संचालित मेट्रो कॉरिडोर के सभी स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीन (टीवीएम) की सुविधा शुरू हो जाएगी। इन मशीनों की मदद से यात्री काउंटर पर लगे बिना, खुद महज 30 सेकंड में अपना टिकट खरीद सकेंगे। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) ने यह सुविधा टिकट खरीदने की प्रक्रिया को तेज, सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू की है।
30 अक्टूबर से क्या बदलेगा
अब तक मेट्रो में सफर के लिए यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर निर्भर रहना पड़ता था या मोबाइल ऐप से डिजिटल टिकट बुक करना पड़ता था। 30 अक्टूबर से एक तीसरा विकल्प जुड़ जाएगा — टिकट वेंडिंग मशीन। दोनों शहरों के सभी संचालित स्टेशनों पर ये मशीनें लगाई गई हैं। यात्री मशीन पर जाकर खुद अपना टिकट चुन सकेंगे, किराया देख सकेंगे और भुगतान करके तुरंत टिकट प्राप्त कर सकेंगे। कॉर्पोरेशन का कहना है कि इससे स्टेशनों पर प्रतीक्षा का समय कम होगा और यात्रियों को अपने समय के अनुसार टिकट लेने की सुविधा मिलेगी।
30 सेकंड में टिकट लेने की पूरी प्रक्रिया
टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट लेना बेहद आसान रखा गया है। सबसे पहले यात्री को मशीन की स्क्रीन पर ‘बॉय क्यूआर टिकट’ का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद उसे अपने गंतव्य स्टेशन का चयन करना होगा। गंतव्य चुनते ही स्क्रीन पर उस यात्रा का किराया दिखाई देगा। फिर यात्री अपने यूपीआई ऐप से स्क्रीन पर दिख रहे क्यूआर कोड को स्कैन करके भुगतान कर सकेगा। भुगतान सफल होते ही मशीन से टिकट निकल आएगा। पूरी प्रक्रिया में करीब 30 सेकंड का समय लगेगा। यानी अब टिकट लेने के लिए लंबी कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी।

कितनी मशीनें, कितनी लागत
दोनों शहरों के कुल 24 स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इनमें इंदौर के 16 और भोपाल के 8 स्टेशन शामिल हैं। हर स्टेशन पर दो-दो मशीनें लगाई गई हैं, यानी कुल 48 मशीनें यात्रियों की सेवा में होंगी। प्रत्येक मशीन की लागत करीब 5 लाख रुपये है, इस तरह इस सुविधा पर कुल लगभग 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कॉर्पोरेशन ने सभी संचालित स्टेशनों को इस सुविधा से जोड़ दिया है, ताकि किसी भी स्टेशन से सफर शुरू करने वाला यात्री इसका लाभ उठा सके।
दिव्यांग यात्रियों के लिए ब्रेल सुविधा
इस सुविधा की एक खास बात यह है कि इसमें दिव्यांग यात्रियों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। टिकट वेंडिंग मशीनों में दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि का प्रावधान किया गया है। इससे दृष्टिबाधित यात्री भी बिना किसी की मदद के, खुद टिकट खरीद सकेंगे। कॉर्पोरेशन का कहना है कि इस व्यवस्था से मेट्रो सेवाएं अधिक सुलभ और समावेशी बनेंगी। मेट्रो स्टेशनों पर पहले से ही दिव्यांग यात्रियों के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध हैं, और टिकट वेंडिंग मशीन में ब्रेल की व्यवस्था उसी दिशा में एक और कदम है।
टिकट खरीदने के कई विकल्प रहेंगे जारी
टिकट वेंडिंग मशीन शुरू होने के बाद भी टिकट खरीदने के पुराने विकल्प बंद नहीं होंगे। यात्री पहले की तरह एमपीएमआरसीएल के मोबाइल ऐप से डिजिटल टिकट बुक कर सकेंगे। इसके अलावा स्टेशन पर बने टिकट काउंटरों से भी टिकट लिया जा सकेगा। डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई, क्यूआर कोड और ई-वॉलेट जैसे कैशलेस विकल्प उपलब्ध रहेंगे। यानी यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तरीके से टिकट ले सकेगा — ऐप से, काउंटर से या अब नई मशीन से।
31 दिसंबर तक टिकट पर छूट का लाभ
मेट्रो यात्रियों के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि टिकट पर छूट की प्रोत्साहन योजना 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी। यह योजना 11 अक्टूबर से चल रही है। इसके तहत एकल यात्रा टिकट पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत, वापसी टिकट पर कुल 30 प्रतिशत और दो या अधिक यात्रियों के समूह टिकट पर 35 प्रतिशत की छूट मिल रही है। ई-वॉलेट रिचार्ज पर भी 8 से 15 प्रतिशत तक का बोनस लाभ दिया जा रहा है। टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट लेने वाले यात्री भी इन छूटों का लाभ उठा सकेंगे।
दोनों शहरों में मेट्रो की बढ़ती रफ्तार
भोपाल और इंदौर, मध्य प्रदेश के दो सबसे बड़े शहर हैं, और दोनों में मेट्रो सेवा का संचालन मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड कर रहा है। इंदौर में 16 और भोपाल में 8 स्टेशनों पर मेट्रो सेवा संचालित हो रही है, और इन्हीं सभी स्टेशनों पर अब टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। मेट्रो सेवा शहरों में तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन का विकल्प बन रही है। टिकट खरीदने की प्रक्रिया आसान होने से अधिक से अधिक लोगों के मेट्रो की ओर आकर्षित होने की उम्मीद है।
यात्रियों को क्या फायदा होगा
टिकट वेंडिंग मशीनों का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है। व्यस्त समय में जब स्टेशनों पर भीड़ अधिक होती है, तब काउंटर पर कतार लग जाती है। मशीन से टिकट लेने पर यह कतार कम होगी और यात्री जल्दी प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे। दूसरा फायदा यह है कि भुगतान पूरी तरह कैशलेस होगा — यूपीआई और क्यूआर कोड से भुगतान किया जा सकेगा, इसलिए खुले पैसे या नकदी की चिंता नहीं रहेगी। तीसरा, मशीन 30 सेकंड में टिकट दे देगी, जिससे सुबह-शाम की भागदौड़ में यात्रियों का कीमती समय बचेगा।
आगे क्या
30 अक्टूबर, शुक्रवार से भोपाल और इंदौर के सभी संचालित मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीनें काम करना शुरू कर देंगी। कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एस कृष्ण चैतन्य ने कहा है कि इस सुविधा का मकसद टिकट खरीदना तेज, सरल और सभी के लिए सुलभ बनाना है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे पहली बार मशीन का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करें और किसी भी दिक्कत पर स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों से मदद लें। आने वाले दिनों में इस सुविधा के इस्तेमाल के आधार पर और स्टेशनों या सेवाओं में विस्तार पर भी विचार किया जा सकता है।
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