छतरपुर ब्यूरो।
“भगवान की परीक्षा नहीं, प्रतीक्षा करनी चाहिए।”
— पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करैरा की श्रीराम कथा में भक्ति का संदेश देते हुए कहा कि भगवान की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए, बल्कि उनकी प्रतीक्षा करनी चाहिए। सच्ची भक्ति में धैर्य ही सबसे बड़ी साधना है — जो मनुष्य विश्वास के साथ प्रतीक्षा करता है, उसे ईश्वर की कृपा का अनुभव अवश्य होता है। धैर्य के साथ की गई प्रतीक्षा मन को शांत करती है और सही समय पर सही फल देती है।
स्रोत: यह सुविचार करैरा (शिवपुरी) में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचन से लिया गया है।
