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चरैवेति के जयघोष के साथ निकला इन्दौर विभाग का पथ संचलन

राजवाड़ा, इन्दौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन

इंदौर ब्यूरो।

चरैवेति-चरैवेति के जयघोष के साथ रविवार, 25 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इन्दौर विभाग का पथ संचलन निकला। इन्दौर की 345 बस्तियों के प्रमुख मार्गों में लगभग एक लाख स्वयंसेवकों की कदमताल ने एकत्व, अनुशासन व संगठन का संदेश दिया।

आज के पथ संचलन ने दिया एकत्व का संदेश

आज 25 अक्तूबर 2026, रविवार को इन्दौर महानगर की गलियों में चरैवेति-चरैवेति के संकल्प को हृदय में धारण कर राष्ट्र भक्ति के भाव से सराबोर स्वयंसेवक जब पथ संचलन में निकले, तो महानगर का वातावरण स्व के गौरव से आच्छादित हो गया। सुबह से ही बस्तियों के एकत्रीकरण स्थलों पर स्वयंसेवकों की आवाजाही लगी रही और नियत समय पर संचलन अपने-अपने मार्गों पर बढ़ चले। पथ संचलन में निकले स्वयंसेवकों की कतारें और अनुशासित कदमताल देखकर मार्गों पर उपस्थित रहवासी भी अभिभूत नजर आए।

इस अवसर पर चारों ओर चरैवेति-चरैवेति का जयघोष गूंजता रहा। हर बस्ती के प्रमुख आंतरिक मार्गों से गुजरते संचलन को देखकर यह स्पष्ट हुआ कि स्वयंसेवकों की यह एकजुटता केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संगठन की शक्ति और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

बस्तीशः संचलन — हर मार्ग 3 से 4 किमी, कुल लगभग 1200 किमी

इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इन्दौर विभाग का विजयादशमी के अवसर पर निकलने वाला पथ संचलन बस्तीशः निकला। महानगर के चारों जिलों के 34 नगर की 345 बस्तियों के प्रमुख आंतरिक मार्गों से संचलन निकला, जिसमें लगभग एक लाख स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। हर बस्ती में स्वयंसेवक अपने-अपने एकत्रीकरण स्थल से नियत मार्ग पर निकले और पूरे अनुशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चले।

प्रत्येक संचलन का मार्ग 3 से 4 किमी रहा। इस प्रकार स्वयंसेवकों ने संपूर्ण महानगर में लगभग 1200 किमी का मार्ग तय किया। संचलन के मार्गों पर स्थानीय रहवासियों ने उत्साहपूर्वक पूरे संचलन मार्ग में पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया। घरों की छतों और मार्गों के किनारे खड़े रहवासी पुष्पों से स्वागत करते नजर आए, जिससे संचलन के प्रति समाज की आत्मीयता और उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया।

राजवाड़ा, इन्दौर में पथ संचलन के दौरान घोष दल के साथ स्वयंसेवक
राजवाड़ा, इन्दौर में पथ संचलन के दौरान घोष दल के साथ कदमताल करते स्वयंसेवक।

राजमोहन जी बोले — समाज में समरसता का भाव स्थापित करना है

इस अवसर पर राऊ में समाज एवं स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए मालवा प्रान्त प्रचारक राजमोहन जी ने कहा कि स्वयंसेवकों को प्रण लेकर समाज में सभी प्रकार की विषमताओं का निवारण करके समरसता का भाव स्थापित करना है। उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे समाज जीवन के हर क्षेत्र में समरसता के इस भाव को लेकर कार्य करें और समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास जारी रखें।

राजमोहन जी ने कहा कि पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवक समाज को एकत्व और अनुशासन का संदेश देते हैं। राऊ में उनके संबोधन को सुनने के लिए समाज के प्रमुख जन भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

श्रीनाथ गुप्ता जी बोले — भारत विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है

प्रान्त सह कार्यवाह श्रीनाथ गुप्ता जी ने ओल्ड पलासिया में अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति परंपरा में विभेदों को विविधता के रूप में देखने और विविधता में एकात्मता का साक्षात्कार करने की क्षमता है, अतः भारत विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकात्मता का यह भाव ही भारतीय संस्कृति की विशेषता है, जो आज के विश्व के लिए मार्गदर्शक बन सकती है।

ओल्ड पलासिया में आयोजित कार्यक्रम में समाज के प्रमुख जन उपस्थित रहे और स्वयंसेवकों के अनुशासित संचलन की सराहना की। श्रीनाथ गुप्ता जी ने स्वयंसेवकों से कहा कि वे इस सांस्कृतिक चेतना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएं।

संचलन से पूर्व व्यायाम-योग और बौद्धिक उद्बोधन

संचलन के पूर्व सभी बस्तियों में एकत्रीकरण के स्थान पर स्वयंसेवकों ने व्यायाम-योग किया तथा संघ के अधिकारियों का बौद्धिक उद्बोधन हुआ। इस अवसर पर समाज के प्रमुख जन उपस्थित रहे। एकत्रीकरण स्थलों पर स्वयंसेवकों ने सामूहिक व्यायाम और योग का अभ्यास किया, जिसके बाद संघ अधिकारियों ने बौद्धिक के माध्यम से स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।

मैदान में एकत्रित स्वयंसेवकों का समूह, इन्दौर पथ संचलन
संचलन से पूर्व एकत्रीकरण स्थल पर मैदान में एकत्रित स्वयंसेवक।

28 अक्तूबर को डेली कॉलेज में वृहत ‘चरैवेति एकत्रीकरण’

आगामी 28 अक्तूबर को इन्दौर विभाग का वृहत “चरैवेति एकत्रीकरण” सायं 4:30 बजे डेली कॉलेज में संघ शताब्दी वर्ष समापन कार्यक्रम के रूप में होगा। विगत एक माह से स्वयंसेवक इसकी तैयारी में जुटे हैं। पथ संचलन के बाद अब सभी की निगाहें इसी वृहत एकत्रीकरण पर टिकी हैं, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों और समाजजनों के जुटने की संभावना है।

यह अवसर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल बैठक के आयोजन का गौरव इन्दौर को प्राप्त हुआ है, जिसमें संपूर्ण भारत से संघ के सर्वोच्च अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शताब्दी वर्ष के समापन के इस कार्यक्रम को लेकर इन्दौर विभाग के स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

चरैवेति अर्थात निरंतर ध्येय-पथ पर चलते रहना

चरैवेति-चरैवेति अर्थात निरंतर अपने ध्येय-पथ पर संकल्पित भाव से चलते रहना — यही बोध स्वयं में जागृत करके समग्र समाज को जागृत करना तथा भारत के परम वैभव को पुनः स्थापित करना। इस विराट संकल्प को लेकर स्वयंसेवक राष्ट्र प्रथम एवं राष्ट्र भक्ति का भाव लेकर नयी शताब्दी में प्रवेश करेंगे।

आज का पथ संचलन इसी संकल्प का प्रत्यक्ष स्वरूप था, जिसमें इन्दौर की 345 बस्तियों के स्वयंसेवकों ने अपनी कदमताल से एकत्व, अनुशासन और संगठन का संदेश दिया।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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