रिपोर्ट:अनुष्ठ चौहान

इंदौर के गांधी हाल परिसर में मंगलवार को ई-रिक्शा चालकों की बड़ी और संगठित मौजूदगी देखने को मिली। अपनी रोज़ी-रोटी से जुड़े अहम मुद्दों को लेकर एकत्रित हुए चालकों ने संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर खींचा।

ई-रिक्शा चालकों ने ज्ञापन के माध्यम से परमिट व्यवस्था में सरलता, स्पष्ट रूट निर्धारण, शहर में स्थायी पार्किंग व्यवस्था और नियमों में मानवीय दृष्टिकोण से राहत की मांग की। चालकों का कहना है कि बार-बार चालान, रूट को लेकर भ्रम और पार्किंग की कमी ने उनकी आजीविका को संकट में डाल दिया है।
चालकों ने दो टूक कहा कि वे शहर की स्वच्छ और पर्यावरण हितैषी यातायात व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं, लेकिन अव्यवस्थित नीतियों के कारण सबसे अधिक परेशानी उन्हीं को झेलनी पड़ रही है। उनका मानना है कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेता है तो न केवल हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुव्यवस्थित होगी।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार कर समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। ई-रिक्शा चालकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ठोस कदम उठाएगा और उनकी आवाज़ केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रह जाएगी, बल्कि ज़मीन पर समाधान के रूप में दिखाई
