इन्दौर महानगर में संगठित हिन्दू समाज के अभूतपूर्व हिन्दू सम्मेलन

रिपोर्ट:अनुष्ठ चौहान

शहर की गलियों में गूंजा हिन्दू गौरव का गान, सैकड़ों हिन्दू सम्मेलन में दिखा हिन्दू परिवारों का उत्साह

इन्दौर महानगर का प्रत्येक बस्ती क्षेत्र आज हिन्दू गौरव और हिन्दू एकता के प्रतीक बन गये बस्ती हिन्दू सम्मेलन का साक्षी बना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत स्थानीय हिन्दू समाज व संगठनों द्वारा आयोजित इन सम्मेलनों में हिन्दू परिवारों ने बढ़ चढ़कर कर हिस्सा लिया।प्रातः 10 बजे से ही बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे। परिवार के बच्चों द्वारा अनेक प्रभावी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई। अनेक स्थानों पर भजन मण्डलियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों को लोगों ने सराहा।
दूधिया ग्राम में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित समाज जन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख माननीय अनिल जी ओक ने कहा कि माँ दुर्गा के आठों हाथों में शस्त्र हैं, और चरणों के नीचे महिषासुर पड़ा हुआ है – यह ध्योतक है कि हमारी मातृशक्ति प्रेम,दया व करुणा की मूर्ति तो है ही लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वही चण्डी,काली और दुर्गा का रूप रखकर देश,समाज एवं धर्म की रक्षा कर सकती है।
धर्म का वास्तविक अर्थ व स्वरूप समझकर हमें अपने समक्ष खड़े कर्त्तव्यों का संपूर्ण मनोयोग से पालन करना होगा। अपने उद्बोधन में उन्होने बताया कि हमारे महापुरुषों ने उनके जीवनकाल में कष्टों का वरण करके सर्वोत्तम व अनुकरणीय जीवन मूल्य स्थापित किए। प्रभु श्रीराम ने चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार करके पिता के वचन को निभाया तथा एक पुत्र के अनुकरणीय जीवन मूल्य स्थापित किए, भरत ने रामजी की पादुकाओं को सिंहासन पर रखकर अयोध्या का राजपाट चलाया और भाई के धर्म को निभाया, सावित्री ने अपने सतीत्व के बल से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा कर पतिव्रता धर्म के मूल्यों की स्थापना की। इसी प्रकार से महाराणा प्रताप को भामाशाह ने सेना के गठन हेतु धन का दान देकर धनिक व्यापारी के जीवन मूल्य स्थापित किए। ऐसे अनेक उदाहरण हमारे इतिहास में वर्णित हैं जिन्हे समझकर हमें भी अपने जीवन मूल्यों को स्थापित करना चाहिए।

सभी आयोजनों में संत समाज, मातृ शक्ति तथा संघ के वक्ता का उद्बोधन रहा। संत समाज की ओर से जहां अपनी संस्कृति से जुड़े रहने एवं समाज में एकत्व का महत्व बताया तो वहीं मातृ शक्ति से वक्ताओं ने पंच परिवर्तन को साकार करने एवं कुटुंब व्यवस्था को सशक्त करने की बात कही।
संघ वक्ताओं द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष यात्रा एवं राष्ट्र प्रथम के भाव को लेकर उद्बोधन दिया गया।

सभी कार्यक्रमों में मातृ शक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
युवाओं ने उत्साह के साथ व्यवस्थाओं की बागडोर सम्हाली।
सभी कार्यक्रमों में उपस्थित समाज-जन भारत माता की आरती के पश्चात समरसता भोज में सम्मिलित हुए।

आज सम्पन्न हुए 251 हिन्दू सम्मेलनों में महानगर के लगभग 12 लाख लोग परिवार सहित उपस्थित रहे।

आगामी 18 जनवरी को शेष हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन रहेगा।

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