छतरपुर ब्यूरो।
“सुख आए तो इतराओ मत, दुख आए तो घबराओ मत — परमात्मा जो करेगा, बेहतरीन करेगा।”
— पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के दौरान भक्तों को जीवन में संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि सुख में अहंकार न आए और दुख में धैर्य न टूटे — क्योंकि परमात्मा जो भी करता है, वह केवल बेहतर नहीं, बेहतरीन करता है। उन्होंने भरोसा, भाव और भोलापन को भक्त के प्रमुख लक्षण बताए थे।
यह सुविचार जीवन के उतार-चढ़ाव में समभाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। सुख-दुख दोनों ही क्षणिक हैं; ईश्वर पर अटूट भरोसा ही सच्ची शांति का मार्ग है।
फोटो: फाइल फोटो
सुविचार स्रोत: जीएनटी / गुड न्यूज टुडे, 19 सितंबर 2026 (लंदन-लेस्टर कथा के दौरान दिए संबोधन के आधार पर)
