इंदौर की जल व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कई अहम फैसलेहर नागरिक का होगा स्वास्थ्य परीक्षण,

भागीरथपुरा की स्थिति तेजी से सामान्य, प्रभावितों का सतत फॉलो-अप, सभी को मिलेंगे स्वास्थ्य कार्ड
नए बोरिंग खनन पर प्रतिबंध, नगर निगम के रिक्त पद अभियान चलाकर भरे जाएंगे
जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त बैठक संपन्न

इंदौर, 10 जनवरी 2026।
भागीरथपुरा क्षेत्र में हालिया जलजनित घटना के बाद स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। इसी के साथ पूरे इंदौर शहर की जल एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को रेसीडेंसी में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए।

बैठक में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय श्री नीरज मंडलोई, इंदौर जिले के प्रभारी अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल सहित विधायकगण श्री रमेश मेंदोला, श्री महेन्द्र हार्डिया, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा, श्री गोलू शुक्ला, श्री सुमित मिश्रा तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

स्थिति नियंत्रण में, फिर भी सतर्कता बरकरार

बैठक में मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य की दृष्टि से स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है और पूरी तरह नियंत्रण में है। अभी कोई भी गंभीर (सीरियस) मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद शासन-प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। एहतियातन भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 50 से 60 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य दल तैनात रहेगा। जांच के दौरान यदि किसी नागरिक में कोई भी समस्या पाई जाती है तो तत्काल उपचार के साथ सतत फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाएगा। प्रभावित एवं जांच किए गए सभी नागरिकों को स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए जाएंगे, जिसमें जांच, उपचार और फॉलो-अप से संबंधित संपूर्ण जानकारी दर्ज रहेगी। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार की जांचें नि:शुल्क की जाएंगी।

जल आपूर्ति सुधार की ठोस कार्ययोजना

बैठक में बताया गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन सुधार का कार्य तेजी से प्रगति पर है। अब तक लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र में पाइपलाइन डाली जा चुकी है और उसकी टेस्टिंग भी पूर्ण हो चुकी है। जल के सैंपल लेकर निरंतर जांच की जा रही है। पूरी तरह से पानी पीने योग्य होने की पुष्टि के बाद तीन दिन के भीतर नर्मदा जल की नियमित आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

बताया गया कि भागीरथपुरा में 114 शासकीय एवं 80 से अधिक निजी ट्यूबवेल हैं। जल परीक्षण में पानी पीने योग्य नहीं पाए जाने पर सभी ट्यूबवेल में क्लोरीनेशन कराया गया है। नागरिकों से अपील की गई है कि ट्यूबवेल का पानी पीने में उपयोग न करें, बल्कि केवल साफ-सफाई और अन्य घरेलू कार्यों के लिए ही उपयोग करें।

नर्मदा जल की वैकल्पिक और स्थायी व्यवस्था

बैठक में जानकारी दी गई कि भागीरथपुरा के लगभग 30 प्रतिशत क्षेत्र में शीघ्र ही नर्मदा जल की सीधी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। शेष 70 प्रतिशत क्षेत्र में तब तक टैंकरों के माध्यम से शुद्ध नर्मदा जल की आपूर्ति की जाएगी। टैंकर से मिलने वाला पानी भी शुद्ध है, फिर भी एहतियातन नागरिकों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

शहरभर में पेयजल गुणवत्ता की सघन निगरानी

पूरे इंदौर शहर में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सख्त और सतत निगरानी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया। नगर निगम की सभी 105 जल टंकियों पर मजबूत जल जांच प्रणाली स्थापित की जाएगी। प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों से सैंपल लेकर जांच की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार के प्रदूषण की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। इसके लिए एक विशेष सेल का भी गठन किया जाएगा, जो जल गुणवत्ता की जांच और मॉनिटरिंग का कार्य करेगा।

नए बोरिंग खनन पर पूर्ण प्रतिबंध

बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अब शहर में नए बोरिंग खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। बताया गया कि नए बोरिंग के कारण पेयजल से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, इसलिए यह कदम भविष्य की जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

नगर निगम के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे

बैठक में नगर निगम में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। तय किया गया कि अभियान चलाकर इन पदों पर शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए डेपुटेशन एवं सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी तथा एक विशेष समिति का गठन कर पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।

अमृत योजना पर विशेष फोकस

मंत्री श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना को शहर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके अंतर्गत लंबित एवं आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश नगर निगम अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि अमृत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से शहर की जल एवं सीवरेज व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

शुद्ध व सुरक्षित पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता

मंत्री श्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि शहर के हर नागरिक तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए निरंतर निगरानी, त्वरित निर्णय और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आज से “स्वच्छ जल अभियान” की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ चलेगा, जिसका उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण, जल आपूर्ति प्रणाली में लीकेज की पहचान, दूषित जल के स्रोतों का सुधार और जल-जनित बीमारियों की रोकथाम करना है।

मुख्यमंत्री स्तर पर सतत मॉनिटरिंग

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं भागीरथपुरा क्षेत्र की स्थिति की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इंदौर के विकास कार्यों और शुद्ध पेयजल उपलब्धता के लिए शासन स्तर से हर संभव सहायता दी जाएगी और किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि शासन-प्रशासन का उद्देश्य केवल वर्तमान संकट से उबरना ही नहीं, बल्कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को पूरी तरह रोकना है।

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