रिपोर्ट -अनुषठ चौहान इंदौर

भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के बाद हालात में तेजी से सुधार देखा जा रहा है। व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए शनिवार सुबह अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मण्डलोई एवं अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने जिला प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का सघन भ्रमण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल भी उपस्थित रहे।

भ्रमण के दौरान अपर मुख्य सचिव द्वय ने स्वास्थ्य सेवाओं, जल आपूर्ति, स्वच्छता एवं ड्रेनेज सुधार कार्यों की मौके पर समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना के तहत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने भागीरथपुरा की पानी की टंकी, स्वास्थ्य केन्द्र, संजीवनी केन्द्र, आंगनवाड़ी तथा क्षेत्र में चल रहे ड्रेनेज और पेयजल लाइन सुधार कार्यों का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने प्रभावित नागरिकों के उपचार की उपलब्धता, शुद्ध पेयजल आपूर्ति की स्थिति और स्वच्छता कार्यों की प्रगति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अपर मुख्य सचिव द्वय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचें। उन्होंने क्षेत्र के प्रत्येक रहवासी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने और उपचार प्राप्त कर चुके नागरिकों का नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित करने को कहा। बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर निगरानी कर रही हैं, जिससे किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते उपचार हो सके।
अपर मुख्य सचिव द्वय ने निर्देश दिए कि भागीरथपुरा क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाए, जिसमें जांच, उपचार और फॉलो-अप से संबंधित समस्त जानकारी दर्ज रहेगी, ताकि भविष्य में भी स्वास्थ्य निगरानी सुदृढ़ बनी रहे।
भ्रमण के दौरान शुद्ध जल आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज, टैंकरों से वैकल्पिक जलप्रदाय और व्यापक स्वच्छता कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और क्षेत्र में सतत निगरानी जारी रहेगी। दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए चल रहे ड्रेनेज कार्यों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि तारा मेडिकल से टोपीलाल की दुकान तक 44 मीटर ड्रेनेज लाइन डाली जा चुकी है। दीपेश स्कूल के पीछे 22 मीटर ड्रेनेज लाइन का कार्य पूर्ण हो गया है। नदी किनारे क्षेत्र में 22 मीटर ड्रेनेज लाइन का संधारण किया गया है, जबकि आरसीसी मेनहोल का कार्य प्रगतिरत है। साथ ही पेयजल लाइन डालने का कार्य भी तेजी से जारी है।
अपर मुख्य सचिव द्वय ने निर्देश दिए कि दूषित जल किसी भी स्थिति में पेयजल में न मिले। उन्होंने बोरिंग के पानी को पीने के उपयोग में नहीं लाने के स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी नागरिक बोरिंग का पानी पीने में उपयोग न करे।
अपर मुख्य सचिव श्री मण्डलोई और श्री राजन ने कहा कि निरंतर भ्रमण, आपसी समन्वय और जमीनी निगरानी के चलते भागीरथपुरा की स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। शासन-प्रशासन का उद्देश्य न केवल वर्तमान स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करना है, बल्कि भविष्य में इस तरह की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकना भी है।
