भिंड ब्यूरो
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। भिंड जिला पंचायत ने इसी भावना से एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों तक हर दिन जिले की एक मेधावी बेटी को एक दिन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का सांकेतिक दायित्व सौंपा जा रहा है। यानी नौ दिन, नौ कन्या, और हर दिन एक नई अध्यक्ष।

क्या है यह पहल?
इस पहल के तहत नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन जिले की एक मेधावी छात्रा को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का मौका मिल रहा है। यह दायित्व सांकेतिक और गरिमामयी है। इसका मकसद बेटियों को नेतृत्व का अनुभव देना, उनमें आत्मविश्वास भरना और उन्हें यह एहसास कराना है कि वे भी बड़े पदों पर बैठकर फैसले ले सकती हैं। बताया जा रहा है कि भिंड में इस तरह की पहल पहली बार हो रही है।
किसकी पहल है यह?
बताया जा रहा है कि यह पहल जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया की ओर से की गई है। भिंड जिले के प्रभारी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने भी इस पहल को अनुकरणीय और प्रेरणादायी बताया है। उनका कहना है कि बेटियों को इस तरह का अनुभव देना उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
कुश्ती चैंपियन शिवानी ने संभाली कमान
इस पहल की कड़ी में राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती चैंपियन शिवानी सेंगर को एक दिन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। खेल के मैदान में अपना परचम लहराने वाली शिवानी ने एक दिन के लिए जिले के विकास कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने जिला पंचायत के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया और वहां की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा।

वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण
अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शिवानी ने वन स्टॉप सेंटर (सखी) का निरीक्षण भी किया। वहां उन्होंने महिलाओं को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। वन स्टॉप सेंटर में महिलाओं को एक ही जगह पर कई तरह की मदद मिलती है। शिवानी ने वहां की व्यवस्थाओं को देखा और महिलाओं से जुड़े विषयों को समझा।
विधि भदौरिया सहित अन्य बेटियां भी बनीं अध्यक्ष
शिवानी के अलावा विधि भदौरिया और अन्य लड़कियां भी एक दिन की जिला पंचायत अध्यक्ष का दायित्व संभाल रही हैं। हर दिन एक नई बेटी अध्यक्ष बन रही है। इससे जिले की कई बेटियों को यह अनुभव मिल रहा है कि जिला पंचायत कैसे काम करती है, फैसले कैसे होते हैं और जनहित के काम कैसे आगे बढ़ते हैं।
प्रभारी मंत्री ने किया वर्चुअल संवाद
एक दिन की अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने वर्चुअल माध्यम से शिवानी से संवाद किया। बातचीत के दौरान मंत्री ने शिवानी के विचारों, उनकी परिपक्व कार्यशैली और आत्मविश्वास को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। इसके अलावा, उन्होंने शिवानी से विभागीय कार्यों और जनहित से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की।
नवरात्रि और नारी शक्ति का संदेश
नवरात्रि में नौ देवियों की आराधना होती है। भिंड की इस पहल में भी नौ दिन और नौ बेटियों का संदेश छिपा है। हर दिन एक बेटी को अध्यक्ष बनाना यह बताता है कि नारी शक्ति सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह शासन, प्रशासन और नेतृत्व में भी अपनी भूमिका निभा सकती है। यह पहल बेटियों के लिए एक संदेश है — तुम भी कर सकती हो।

क्यों खास है यह पहल?
पहली बात — यह पहल बेटियों को किताबों से आगे ले जाकर असली काम का अनुभव दे रही है। दूसरी बात — यह पहल समाज को यह संदेश दे रही है कि बेटियों पर भरोसा किया जाए। तीसरी बात — यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है। अगर हर जिले में इस तरह की पहल हो, तो हजारों बेटियों को नेतृत्व का अनुभव मिलेगा।
आगे क्या?
नवरात्रि के बाकी दिनों में भी हर दिन एक नई बेटी अध्यक्ष बनेगी। हर बेटी अपने दिन में विभागों को देखेगी, कामों को समझेगी और अपने सुझाव देगी। इस पहल का असर सिर्फ नौ दिनों तक नहीं रहेगा। जिन बेटियों को यह अनुभव मिल रहा है, वे आगे चलकर अपने गांव, अपने स्कूल और अपने समाज में भी नेतृत्व करेंगी। यही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता होगी।
