इंदौर ब्यूरो। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े को शाजापुर जिले की कमान सौंपी गई है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने 13 अक्टूबर की देर रात भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बड़े तबादला आदेश जारी किए, जिनमें 2017 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. झाड़े को शाजापुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। शाजापुर की निवर्तमान कलेक्टर ऋजु बाफना को उज्जैन संभाग में अपर आयुक्त (राजस्व) का दायित्व दिया गया है।
डॉ. झाड़े ने सितंबर 2025 में आईडीए के सीईओ का पदभार संभाला था। पदभार ग्रहण से पहले उन्होंने खजराना गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया था और उसी दिन अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर हित में वे सभी कार्य करने की बात कही थी, जिनसे आम जनता को राहत मिले। करीब 13 माह के कार्यकाल में उन्होंने प्राधिकरण के विकास कार्यों को नई रफ्तार दी।
राऊ में 42 एकड़ में सिटी फॉरेस्ट, ढाई लाख पेड़ों का जंगल
डॉ. झाड़े के कार्यकाल की सबसे चर्चित पहलों में राऊ स्थित स्कीम-97 पार्ट-4 में करीब 42 एकड़ जमीन पर नगर वन (सिटी फॉरेस्ट) विकसित करने की योजना है। शहर में हरियाली बढ़ाने के इस प्रोजेक्ट में ढाई लाख पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे करीब पांच से छह हजार मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने की क्षमता विकसित होगी।
सिटी फॉरेस्ट में करीब 8.5 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से सघन पौधारोपण, 3.5 एकड़ में सामान्य घना वन क्षेत्र, नवग्रह वाटिका, ओपन जिम, बच्चों के लिए प्ले एरिया, योग एवं ध्यान क्षेत्र, वॉकिंग और साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए करीब 2.27 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल और करीब 3,234 वर्गमीटर क्षेत्र में जलाशय भी बनेगा। इसके निर्माण के लिए दो एजेंसियों ने रुचि दिखाई है और एजेंसी तय होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
सात टीपीएस, 5000 से ज्यादा प्लॉट; अर्नेस्ट मनी घटाकर आधी
आईडीए ने शहर में सात जगह टाउन प्लानिंग स्कीम (टीपीएस) तैयार की, जो सांवेर रोड से बायपास तक फैली हैं। इन स्कीमों के माध्यम से इस इलाके में नया इंदौर बसने की राह खुली है। विकास कार्यों के बाद करीब 5,000 से अधिक प्लॉट बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे, जिनमें से आधे प्लॉट नियम के तहत जमीन मालिकों को और आधे प्राधिकरण के पास रहेंगे।
आम खरीदारों को राहत देने के लिए डॉ. झाड़े के कार्यकाल में प्लॉटों की अर्नेस्ट मनी 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन कर सकें। स्कीमों में मास्टर प्लान की सड़कों का काम भी शुरू किया गया। इसके अलावा प्राधिकरण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर अफोर्डेबल हाउसिंग योजना और 8 टाउन प्लानिंग स्कीमों पर भी काम कर रहा है।
प्रदेश की पहली एयरोसिटी, फ्लाईओवर और सड़कें
आईडीए बोर्ड ने एयरपोर्ट के पास प्रदेश की पहली एयरोसिटी विकसित करने के फैसले को मंजूरी दी। योजना क्रमांक 172 के समीप स्थित भूमि पर एयरोसिटी विकसित होगी, जिससे एयरपोर्ट के समीप होटल सहित अन्य व्यावसायिक एवं सेवा गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके लिए 75 मीटर चौड़े और करीब 1.5 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण को 52.61 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
शहर के ट्रैफिक को राहत देने के लिए चंदन नगर चौराहे पर 40 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स-लेन फ्लाईओवर का प्रस्ताव आगे बढ़ा। धार रोड पर सफर करने वाले यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी और फूटी कोठी से एयरपोर्ट तथा बड़ा गणपति की ओर जाने वाला ट्रैफिक जाम से मुक्त होगा। इसके अलावा सुपर कॉरिडोर के किनारे 11 प्लॉटों के टेंडर और पीपीपी मॉडल पर कन्वेंशन सेंटर व स्टार्ट-अप पार्क की योजना भी उनके कार्यकाल में आगे बढ़ी।
657 फ्लैटों की लॉटरी, आम आदमी को अपना घर
आईडीए ने स्कीम क्रमांक 136 के तहत अमलतास, हरसिंगार और गुलमोहर कॉम्प्लेक्स में कुल 657 आवासीय फ्लैटों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए। इनमें अमलतास कॉम्प्लेक्स में 491 वन-बीएचके, गुलमोहर कॉम्प्लेक्स में 108 वन-बीएचके और हरसिंगार कॉम्प्लेक्स में 58 टू/थ्री-बीएचके फ्लैट शामिल हैं। कीमतें करीब 14.64 लाख रुपये से शुरू होती हैं।
तीनों स्कीमों के आवेदन 25 सितंबर से 19 अक्टूबर तक लिए जा रहे हैं और नवंबर में लॉटरी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आवंटन होगा। नीलामी के बजाय लॉटरी व्यवस्था अपनाने से आम खरीदारों को तय दर पर घर मिलने का रास्ता खुला है।
शाजापुर को क्या उम्मीद
शाजापुर जिले को अब एक ऐसा प्रशासक मिल रहा है, जिसने इंदौर जैसे बड़े शहर में विकास प्राधिकरण की कमान संभालते हुए हरित क्षेत्र, आवासीय योजनाओं और बुनियादी ढांचे के कामों को गति दी। जिले में विकास कार्यों, राजस्व प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
डॉ. परीक्षित झाड़े 2017 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। सितंबर 2025 में आईडीए सीईओ बनने से पहले वे प्रशासनिक जिम्मेदारियों में रहे। आईडीए में पदभार संभालते ही उन्होंने निर्माण कार्यों की स्थिति मौके पर जाकर देखने और शहर के लिए लाभकारी निर्माण पर जोर देने की बात कही थी। उनके कार्यकाल में प्राधिकरण ने हरित इंदौर, किफायती आवास और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे मोर्चों पर ठोस कदम उठाए।
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