स्कीम 140 स्थित वैष्णव धाम मंदिर परिसर, बिचौली मर्दाना में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्तिरस का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। व्यास पीठ से कथावाचन करते हुए सुप्रसिद्ध कथावाचक कु. जानवी उपाध्याय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों के अधीन रहते हैं। सच्ची भक्ति के आगे स्वयं ईश्वर भी बंध जाते हैं

तीसरे दिन की कथा में भक्त अजामिल ने जीवन के अंतिम क्षणों में नारायण नाम का स्मरण किया, जिसके फलस्वरूप उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। यह प्रसंग इस बात का प्रमाण है कि भगवान का नाम स्मरण जीवन की सभी बाधाओं से पार लगा देता है।
कथा के दौरान वल्लभाचार्य परंपरा के महान भक्त कुंभन दास का भी उल्लेख किया गया, जो श्रीनाथजी की सेवा में लीन रहते थे। कहा गया कि कुंभन दास को स्वयं श्रीनाथजी के साक्षात दर्शन होते थे और वे उनसे संवाद भी किया करते थे। यह प्रसंग भक्ति की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
कथा स्थल पर एक अनोखा और भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिला, जब आयोजक परिवार का पालतू तोता भी श्रद्धालुओं के साथ कथा श्रवण करता नजर आया। आयोजकों ने बताया कि यह तोता उनके परिवार का सदस्य है और प्रतिदिन कथा स्थल पर आकर ठाकुर जी की कथा सुनता है, जो यह दर्शाता है कि भक्ति का प्रभाव केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है।
यह भव्य आयोजन मधु वर्मा के संरक्षण एवं पुष्यमित्र के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। तीसरे दिन विशेष रूप से सौगात मिश्रा (युवा मोर्चा अध्यक्ष) ठाकुर सिंह आंवलिया, महेंद्र शुक्ला, चेतन शिवहरे, बहादुर सिंह, जितेंद्र अर्जेरा, अनिल चौरसिया, मंगेश यादव, ऋतु बर्रा, सुधा बघेल, स्नेह सिंह सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
