खजुराहो। बुंदेलखंड में आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति की अलख जगाने वाले छतरपुर जिले के गड़ा गांव के युवा संत पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण महाराज एक बार फिर हिंदू समाज को जगाने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। उनके विचारों की क्रांति की कड़ी में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा का शुभारंभ 11 अक्टूबर से होने जा रहा है। बागेश्वर धाम समिति और शिष्य मंडल ने यात्रा की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
— रिक्की सिंह
11 अक्टूबर से निकलेगी रथ यात्रा, रूट चार्ट जारी — 5 दिन, 5 जिले, 500 किमी का सफर
हिंदू समाज में एकता और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी तीसरी रथ यात्रा निकाल रहे हैं। इस बार यात्रा को ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा’ नाम दिया गया है। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस 11 अक्टूबर को बागेश्वर धाम से यात्रा का आगाज होगा, जो बुंदेलखंड के पांच जिलों से गुजरते हुए लगभग 500 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
रूट चार्ट जारी करते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा कि आज समाज में आपसी मतभेद और विभाजन की स्थिति चिंताजनक है। ऐसे में संतों का कर्तव्य है कि वे समाज को एकजुट करें और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। देश के हिंदुओं को एक सूत्र में बांधने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प लेकर यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। यात्रा के जरिए हिंदू एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा।

रोज होगा राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा का पाठ
यात्रा के दौरान हर दिन राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा के पाठ और सात संकल्पों के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेंगे। जगह-जगह लोगों से संवाद और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित होंगे। यात्रा का मकसद हिंदू समाज को एकता के धागे में पिरोने के साथ सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभावना का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।
रथ यात्रा का पूरा रोडमैप — एक नजर में
| दिनांक | दिन | रूट | रात्रि विश्राम |
|---|---|---|---|
| 11 अक्टूबर | शनिवार | बागेश्वर धाम (सुबह 10 बजे शुभारंभ) → बमीठा → चंद्रनगर → अजयगढ़ (दोपहर भोज) → सिंहपुर → पन्ना | पन्ना (रघुलीला पैलेस, मधुवन पैलेस) |
| 12 अक्टूबर | रविवार | पन्ना → अमानगंज (स्टेडियम कार्यक्रम) → पवई (दोपहर भोज) → मोहन्द्रा → हटा | हटा (गौरीशंकर मंदिर) |
| 13 अक्टूबर | सोमवार | हटा → हिंडोरिया → दमोह (राधिका पैलेस भोज) → गढ़ाकोटा → रहली → सागर | सागर (श्री बालाजी मंदिर) |
| 14 अक्टूबर | मंगलवार | सागर → कर्रापुर → बंडा (मंडी प्रांगण भोज) → शाहगढ़ → बड़ागांव → टीकमगढ़ | टीकमगढ़ (शासकीय पीजी कॉलेज) |
| 15 अक्टूबर | बुधवार | टीकमगढ़ → जतारा (दोपहर भोज) → पलेरा → नौगांव → छतरपुर (हवन व समापन कार्यक्रम) | — (यात्रा समापन) |

पहले दिन का कार्यक्रम
11 अक्टूबर को सुबह 10 बजे बागेश्वर धाम में राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के साथ यात्रा रवाना होगी। बमीठा में 20 मिनट का मंचीय कार्यक्रम होगा, फिर चंद्रनगर के स्टैंड तिराहे पर बागेश्वर महाराज का 20 मिनट का संबोधन होगा। दोपहर में अजयगढ़ आश्रम में भोजन के बाद यात्रा सिंहपुर पहुंचेगी, जहां 20 मिनट का उद्बोधन होगा। शाम को यात्रा पन्ना पहुंचेगी।

सात संकल्प दिलाएंगे बागेश्वर महाराज
यात्रा जहां-जहां विश्राम करेगी, वहां सुबह लोगों को सात संकल्प दिलाए जाएंगे:
| क्र. | संकल्प |
|---|---|
| 1 | व्यसन मुक्ति — नशे से दूर रहने का संकल्प |
| 2 | समानता एवं समरसता — जात-पात से ऊपर उठकर एकता |
| 3 | सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार |
| 4 | लव जिहाद का प्रतिकार |
| 5 | जीर्ण-शीर्ण मंदिरों का जीर्णोद्धार एवं सामाजिक एकता |
| 6 | सांस्कृतिक संगठन एवं संत समागम |
| 7 | भव्य एवं परम वैभवशाली भारत की स्थापना |
बागेश्वर धाम समिति के अनुसार, यात्रा को लेकर बुंदेलखंड के पांचों जिलों में श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। जगह-जगह स्वागत की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
