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MP में ‘सुमन पंचायत’ पहल: 1 साल ‘शून्य मातृ-शिशु मृत्यु’ वाली पंचायत को ‘1 लाख’ का पुरस्कार

आशा कार्यकर्ता ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य जानकारी देते हुए (सांकेतिक तस्वीर)

भोपाल ब्यूरो। मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने ‘सुमन पंचायत’ पहल शुरू की है। पहली बार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परिणामों को सीधे पंचायतों के प्रदर्शन से जोड़ा गया है। इस योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना है।

आशा-ANM के साथ मिलकर काम करेंगी पंचायतें

नई व्यवस्था के तहत पंचायतें आशा कार्यकर्ता, ANM और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगी। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन, नियमित स्वास्थ्य जांच, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का समय पर रेफरल, संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना, नवजात शिशुओं की देखभाल और टीकाकरण जैसी जिम्मेदारियां पंचायतों की निगरानी में पूरी की जाएंगी। इसके साथ ही गांवों को खसरा-रूबेला मुक्त बनाने पर भी विशेष जोर रहेगा।

शून्य मृत्यु वाली पंचायत को 1 लाख का पुरस्कार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार यदि किसी पंचायत में पूरे एक वर्ष तक मातृ मृत्यु, रोकी जा सकने वाली शिशु मृत्यु और खसरा-रूबेला का एक भी मामला सामने नहीं आता है, तो उस पंचायत को ‘सुमन पंचायत’ घोषित किया जाएगा। ऐसी पंचायत को प्रोत्साहन स्वरूप एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह राशि केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, आपातकालीन परिवहन, जनजागरूकता और सामुदायिक स्वास्थ्य गतिविधियों पर ही खर्च की जा सकेगी।

सुमन पंचायत बनने की 3 शर्तें

गर्भावस्था, प्रसव और उसके बाद होने वाली जटिलताओं से एक भी मातृ मृत्यु नहीं होनी चाहिए। पांच वर्ष तक के बच्चों में रोकी जा सकने वाली एक भी मृत्यु नहीं होनी चाहिए। साथ ही खसरा-रूबेला का एक भी मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।

तीन स्तर पर होगा सत्यापन

पंचायतों के दावों का सत्यापन तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में सरपंच एवं ग्राम पंचायत सचिव आवेदन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद संबंधित विकासखंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिलेखों का परीक्षण करेंगे। अंतिम चरण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और कलेक्टर के सत्यापन के बाद पात्र पंचायतों का चयन किया जाएगा। सरकारी रिकॉर्ड के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी मिलान होगा, ताकि गलत जानकारी से पुरस्कार लेने की गुंजाइश न रहे।

विकासखंड और जिले को भी मिलेगा पुरस्कार

सबसे अधिक सुमन पंचायतों वाले विकासखंड और जिले को भी 50-50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। आवेदन 5 जनवरी 2027 तक ब्लॉक स्तर पर जमा होंगे और विजेता पंचायतों, विकासखंडों और जिलों का सम्मान 26 जनवरी 2027 को किया जाएगा। मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने इस पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

केंद्र की SUMAN योजना से लिया गया नाम

यह पहल केंद्र सरकार की ‘सुरक्षित मातृत्व आश्वासन’ (SUMAN) योजना से प्रेरित है, जिसे 10 अक्टूबर 2019 को लॉन्च किया गया था। SUMAN के तहत गर्भवती महिलाओं, प्रसव के 6 माह बाद तक की माताओं और बीमार नवजातों को सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में शून्य खर्च पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने का लक्ष्य है।

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