संपादक समूह की बैठक सम्पन्न, भागीरथपुरा के दूषित जल संकट पर गंभीर मंथन

इंदौर। संपादक समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक आज सम्पन्न हुई, जिसमें इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में सामने आए दूषित जल संकट को लेकर विस्तृत और गंभीर चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य इस त्रासदी के कारणों, इससे शहर की छवि को हुए नुकसान और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर विचार करना रहा।

बैठक के दौरान उपस्थित संपादकों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। साथ ही, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका व जवाबदेही पर भी गहन चर्चा हुई।

बैठक में विशेष अतिथि के रूप में इंदौर जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त संचालक (एडिशनल डायरेक्टर) पुष्पेंद्र वास्कले उपस्थित रहे। उन्होंने संपादक समूह के सदस्यों द्वारा रखे गए सुझावों और अनुभवों के आधार पर सरकार द्वारा इस गंभीर मामले में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी तथा स्थिति में सुधार को लेकर सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।

कार्यक्रम में संपादक गण सुभाष खंडेलवाल, क्रांति चतुर्वेदी, महेश कजोड़िया, पुष्पेंद्र वैद्य, भरत सक्सेना, राकेश मित्तल, ललित उपमन्यु, शक्ति सिंह परिहार, दीपक शर्मा, विनय तिवारी, राजेश पिपलोदिया, विवेक वर्धन, राकेश राठौर, दीपक यादव सहित संपादक समूह के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विशिष्ट लेखन के लिए श्याम यादव को सम्मानित किया गया।

बैठक का शुभारंभ नवनीत शुक्ला द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम के अंत में संपादक समूह के संयोजक अभिलाष शुक्ला ने सभी अतिथियों और सदस्यों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि भागीरथपुरा जल संकट से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस, पारदर्शी और समयबद्ध कदम उठाए जाएं, ताकि नागरिकों का भरोसा व्यवस्था पर बना रह सके।

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