एमपी में अफसरों के लिए मंत्री का बड़ा फरमान, लापरवाही पर अब ट्रांसफर नहीं बल्कि सीधा डिमोशन होगा

समाधान योजना की ऊर्जा मंत्री ने की ऑनलाइन समीक्षा, लक्ष्य न पूरा करने पर डिमोशन की चेतावनी
भोपाल।
मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की बकाया राशि जमा कराने के लिए संचालित समाधान योजना की ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर प्रगति का जायजा लिया। बैठक में उन्होंने योजना की सर्किलवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पहले बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली की जाए।
ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए बकाया राशि की वसूली अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार फील्ड में जाकर कार्य की निगरानी करने के निर्देश भी दिए। समीक्षा के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्त नहीं होने अथवा कार्य में लापरवाही पाए जाने पर ट्रांसफर नहीं बल्कि सीधे डिमोशन की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ऊर्जा विभाग के सचिव श्री विशेष गढ़पाले ने बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए।
इस समीक्षा बैठक में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी श्री अनय द्विवेदी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी श्री अनूप सिंह सहित तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि समाधान योजना का प्रथम चरण 31 जनवरी तक संचालित रहेगा। योजना के अंतर्गत अब तक 578 करोड़ 22 लाख रुपये की राशि जमा की जा चुकी है, जबकि 264 करोड़ 17 लाख रुपये का सरचार्ज माफ किया गया है।
तीनों कंपनियों में से मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रुपये की वसूली की गई है।
