श्योपुर ब्यूरो। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के बड़ौदा थाना क्षेत्र के गलमान्या गांव में दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। घर के अंदर सो रही दो सगी बहनों को देर रात सांप ने डस लिया। दोनों की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के मुताबिक हादसे का शिकार हुई दोनों बच्चियां सगी बहनें थीं। इनमें एक की उम्र महज आठ महीने, जबकि दूसरी बच्ची करीब चार साल की बताई जा रही है। दोनों बहनें रात में घर के अंदर सो रही थीं। इसी दौरान सांप ने दोनों को डस लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन बच्चियों को लेकर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। एक साथ दो मासूम बेटियों को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में शोक, पुलिस जुटा रही तथ्य
घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाई है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार की दो बच्चियों की सांप के डसने से मौत ने ग्रामीणों को भी झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि बारिश के मौसम में सांप और दूसरे जहरीले जीव घरों और रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। गलमान्या गांव की इस घटना ने बारिश के मौसम में जहरीले सांपों से बचाव और घरों में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

बरसात में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों की मानें तो बारिश के मौसम में सांपों के घरों में घुसने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है। रात में जमीन पर बिस्तर बिछाकर सोने से बचें और घर के आसपास की झाड़ियों व गंदगी साफ रखें। दरवाजों-खिड़कियों की जालियों की समय-समय पर मरम्मत कराते रहें। सांप के डसने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद करना जानलेवा साबित हो सकता है। जहरीले सांप के काटने पर समय पर एंटी-वेनम उपचार से जान बचाई जा सकती है, इसलिए हर मिनट कीमती है।
स्रोत: अमर उजाला, लाइव हिंदुस्तान
