भारतीय संस्कृति का स्वर्णिम और अनुपम अध्याय है रामकथा : पं. भार्गवबर्फानी धाम के पीछे गणेश नगर में चल रही रामकथा में मना रामराज्याभिषेक उत्सव-यज्ञ हवन के साथ हुई पूर्णाहुति
अनुष्ठ चौहान की रिपोर्ट इंदौर। राम से बड़ा रामजी का नाम कहा गया है। रामजी की भक्ति के बिना दुनिया की बड़ी से बड़ी दौलत भी बेकार है। अधर्म और अनीति से अर्जित धन-संपत्ति फलीभूत नहीं होती। हम सब मोह की ऐसी चादर ओढ़े हुए हैं, जो हमें अपने लक्ष्य और सदकर्मों से विमुख बनाए…
