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स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर: कम से कम 68 की मौत, सुरक्षा प्रणाली पर उठे सवाल, तीन दिन का राष्ट्रीय शोक

सांकेतिक चित्र: हाई-स्पीड ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर) सांकेतिक चित्र: हाई-स्पीड ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

डेस्क रिपोर्ट

सार: स्पेन के उर्दा में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई है। बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा, जांच में सुरक्षा प्रणाली की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, और देश में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।

स्पेन के मध्य हिस्से में बुधवार की सुबह एक भीषण रेल हादसा हुआ, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। टोलेडो प्रांत के उर्दा इलाके में मैड्रिड से सेविले जा रही दो हाई-स्पीड ट्रेनें आपस में टकरा गईं। इस टक्कर में एक ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए और कुछ डिब्बे तटबंध से नीचे खेतों की ओर जा गिरे। हादसे के बाद सामने आए दृश्यों में तबाही का मंजर साफ दिखा, और मौके पर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया। गुरुवार तक भी बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे, क्योंकि यह आशंका बनी हुई थी कि कहीं कोई व्यक्ति अब भी मलबे में न फंसा हो।

हादसा कैसे हुआ

जानकारी के अनुसार हादसा स्थानीय समय के हिसाब से बुधवार सुबह करीब 8 बजकर 54 मिनट पर उर्दा स्टेशन के पास हुआ। इसमें रेनफे की एवीई सेवा और निजी कंपनी इर्यो की ट्रेन शामिल थीं। बताया गया है कि एक ट्रेन ट्रैक पर खड़ी थी, तभी पीछे से आ रही दूसरी ट्रेन उससे जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इर्यो ट्रेन के पिछले डिब्बे पटरी से उतर गए और एक तटबंध से नीचे चले गए, जबकि दूसरी ट्रेन का ज्यादातर हिस्सा पटरी पर ही बना रहा। हादसे की वजह से मैड्रिड और सेविले के बीच रेल सेवा भी बुरी तरह प्रभावित हुई।

सांकेतिक चित्र: हाई-स्पीड ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सांकेतिक चित्र: हाई-स्पीड ट्रेन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मौत और घायलों का आंकड़ा

इस हादसे में कम से कम 68 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 69 बताई गई है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में 70 से अधिक मौतों का भी जिक्र आया था। आंकड़ों में यह अंतर इसलिए है, क्योंकि बचाव अभियान के दौरान रात में भी शव मिलने का सिलसिला जारी रहा और आंकड़े लगातार अपडेट होते रहे। इसलिए इस खबर में कम से कम 68 का आंकड़ा इस्तेमाल किया गया है, जिसे क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर सबसे ठोस माना जा रहा है। घायलों की संख्या सौ से अधिक बताई गई है, और 50 से अधिक लोग अब भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 15 की हालत गंभीर बताई गई है।

बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी

हादसे के बाद स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार 800 से अधिक सैन्य और पुलिस कर्मी, 200 से अधिक वाहन, तीन हेलीकॉप्टर, ड्रोन, खोजी कुत्तों की टीमें और एक चलित कमांड केंद्र बचाव कार्य में लगाए गए। गुरुवार को भी खोजी कुत्तों के साथ टीमें दोबारा मलबे वाले स्थान पर पहुंचीं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि कोई व्यक्ति फंसा न रह गया हो। पलटी हुई गाड़ी को क्रेन की मदद से उठाने का काम भी किया गया। अधिकारियों ने कहा है कि पलटी गाड़ी के नीचे किसी के दबे होने की आशंका कम है, लेकिन वे इस बारे में पूरी तरह से कुछ कहने से बच रहे हैं, क्योंकि तलाश पूरी होने तक कोई भी दावा करना जल्दबाजी होगी।

जांच और सुरक्षा प्रणाली पर सवाल

हादसे के कारणों की जांच अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने एतोचा नियंत्रण केंद्र में एलजेडबी सुरक्षा प्रणाली से जुड़ी संभावित तकनीकी गड़बड़ी का संकेत दिया है, हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया है कि जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है। जानकारी के अनुसार हादसे के बाद करीब 63 किलोमीटर के हिस्से में सुरक्षा प्रणाली में रुकावट आई, जिसके चलते उस क्षेत्र में ट्रेनें अपने आप रुक गईं। इस बीच स्पेनिश मीडिया में हादसे से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें यह दावा किया गया है कि ट्रैक पर खड़ी ट्रेन की जानकारी होने के बावजूद नियंत्रण केंद्र ने पीछे से आ रही ट्रेन को सामान्य गति से आगे बढ़ने का निर्देश दिया था। यह रिकॉर्डिंग अभी जांच का विषय है और इसे अंतिम सच के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।

स्पेन में शोक और विरोध

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने हादसे वाली जगह का दौरा किया और गहन जांच की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस मामले की तह तक जाया जाएगा और अगर लापरवाही हुई है तो उसका खुलासा होगा, और अगर सुरक्षा प्रणाली में कोई खामी रही है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने 29 से 31 अक्टूबर तक तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस बीच मैड्रिड में करीब 500 लोगों ने प्रदर्शन कर परिवहन मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। जनता और विपक्षी दलों में इस मानवीय और तकनीकी चूक को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पोप लियो 14वें ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

भारतीय दूतावास और विदेशी नागरिक

इस हादसे में सात देशों के कुल 42 विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं, जिनमें से एक की मौत हुई है और कम से कम सात घायल हुए हैं। मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित ट्रेनों में यात्रा कर रहे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के लिए एक आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम से लोगों से दूतावास से संपर्क करने का आग्रह किया है। हेल्पलाइन का नंबर इस खबर में इसलिए नहीं दिया गया है, ताकि कोई पुराना या गलत नंबर प्रकाशित न हो; जरूरतमंद लोग दूतावास के आधिकारिक माध्यम से ताजा जानकारी ले सकते हैं।

इस साल का दूसरा बड़ा रेल हादसा

यह इस साल स्पेन का दूसरा बड़ा घातक रेल हादसा है। इससे पहले जनवरी में कॉर्डोबा में एक ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना हुई थी। लगातार दो बड़ी घटनाओं ने स्पेन की हाई-स्पीड रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार ट्रेनों के नेटवर्क में सुरक्षा प्रणाली, नियंत्रण केंद्रों के बीच तालमेल और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था सबसे अहम होती है, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। दुनिया भर में रेलवे सुरक्षा प्रणालियों पर लगातार काम होता है, ताकि मानवीय या तकनीकी चूक की गुंजाइश कम हो।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में जांच दल यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि सुरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी कहां हुई, नियंत्रण केंद्र से क्या निर्देश दिए गए और क्या उन निर्देशों में कोई चूक थी। साथ ही, प्रभावित रेल मार्ग को पूरी तरह सामान्य करने और पीड़ित परिवारों तक मदद पहुंचाने का काम भी जारी रहेगा। भारत में रेल परियोजनाओं में सुरक्षा परीक्षणों को विशेष महत्व दिया जाता है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक हादसे की वजह के बारे में कोई भी अंतिम दावा करना सही नहीं होगा। पीड़ित परिवारों के लिए यह समय बेहद कठिन है, और दुनिया भर से उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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