पन्ना ब्यूरो। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ का दूसरा दिन सोमवार को उत्साह और भव्य स्वागत के बीच आगे बढ़ा। पन्ना में रात्रि विश्राम के बाद सुबह सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और राष्ट्रगान के साथ यात्रा ने प्रस्थान किया, और पन्ना जिले के अमानगंज पहुंचने पर हजारों श्रद्धालुओं ने सड़क के दोनों ओर घंटों इंतजार कर भव्य स्वागत किया।

अमानगंज में क्रेन से विशाल फूलमाला, जेसीबी से पुष्पवर्षा
अमानगंज में रथयात्रा के स्वागत के लिए शहर को फूलों से सजाया गया था। क्रेन की मदद से विशाल फूलमाला पहनाकर पं. धीरेंद्र शास्त्री का अभिनंदन किया गया, वहीं जेसीबी से फूल बरसाए गए। महिलाएं सिर पर कलश लेकर मंत्रोच्चार करती नजर आईं। खाटू श्याम सेवा समिति सहित कई संगठनों ने यात्रा का स्वागत किया।
स्वागत के दौरान शास्त्री ने हिंदुओं से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि देश में ‘जातिवाद नहीं, राष्ट्रवाद’ जरूरी है। उन्होंने चेताया कि यदि सभी हिंदू एकजुट नहीं हुए तो आने वाला समय बहुत कठिन होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई’ के नारे लगाते रहे।
हजारों श्रद्धालुओं ने लिए सात वचन
पन्ना में रात्रि विश्राम के दौरान शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म, हिंदू एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े सात वचनों की शपथ दिलाई थी। सुबह के कार्यक्रम में बच्चों को भी शपथ दिलाई गई। शास्त्री ने अमानगंज के लोगों से भी एकजुट होने और बागेश्वर धाम आने की अपील की।
पन्ना शहर में जगह-जगह स्वागत
पन्ना शहर में यात्रा रघु लीला पैलेस से शुरू होकर अजयगढ़ चौराहा, गांधी चौक, पावर हाउस चौक, बादशाह साईं चौराहा और डायमंड चौराहे से गुजरी। अजयगढ़ में पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कई स्थानों पर आतिशबाजी और पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया। गांधी चौक से शास्त्री करीब 200 वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़े।
सतना बैरियर पर महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर उनका स्वागत किया, तो तारा गांव में स्कूली छात्र-छात्राएं दर्शन के लिए कक्षाओं से बाहर आ गए। द्वारी गांव में शास्त्री ने लोगों से शराब और अन्य नशे से दूर रहने की अपील की।
साथ चल रहे कई प्रमुख संत
यात्रा में अयोध्या हनुमानगढ़ी के राजूदास महाराज, मलूकपीठ के गंगादास जी महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज सहित कई संत साथ चल रहे हैं।
रात्रि विश्राम हटा में
दूसरे दिन दोपहर का विश्राम पवई में मां कलेही मंदिर में हुआ, और रात्रि विश्राम दमोह जिले के हटा स्थित श्री गौरीशंकर मंदिर में हुआ। पांच दिवसीय इस यात्रा का उद्देश्य सनातन एकता, सामाजिक समरसता और नशामुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाना है। यात्रा 15 अक्टूबर को छतरपुर में भव्य हवन के साथ संपन्न होगी।
फोटो: प्रदेश 24 न्यूज़ (फाइल फोटो — सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के पहले दिन की)
