उज्जैन ब्यूरो। भारत और वेस्टइंडीज के बीच इंदौर में खेले गए तीसरे टी-20 मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज करने के कुछ ही घंटे बाद भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर कुलदीप यादव और तिलक वर्मा सोमवार तड़के उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचे। दोनों खिलाड़ियों ने प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।
सूत्रों के अनुसार, दोनों खिलाड़ी सोमवार सुबह करीब चार बजे मंदिर परिसर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती के दर्शन किए। इस दौरान दोनों हाथ जोड़कर पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए और महाकाल का जाप किया। आरती के बाद पुजारियों के माध्यम से जल अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना भी की गई।
गौरतलब है कि रविवार रात इंदौर के होलकर स्टेडियम में भारत ने वेस्टइंडीज को 14 रन से हराया था। सूत्रों के अनुसार, तिलक वर्मा रविवार के मुकाबले में खेले थे, जबकि कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी — उनकी जगह प्रिंस यादव को मौका दिया गया था। देर रात तक चले मैच की थकान के बावजूद दोनों खिलाड़ी तड़के ही उज्जैन के लिए रवाना हो गए। होलकर स्टेडियम से महाकालेश्वर मंदिर की दूरी करीब 56 किलोमीटर है।

कुलदीप यादव (फाइल फोटो) — फोटो: Shaan Sengupta / विकिमीडिया कॉमन्स (GODL-India)
मंदिर में दोनों क्रिकेटरों के साथ प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के थ्रोडाउन विशेषज्ञ भी इस दौरान खिलाड़ियों के साथ थे। खिलाड़ियों ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर समिति की ओर से भी खिलाड़ियों का स्वागत और सम्मान किया गया।
कुलदीप यादव ने बातचीत में कहा कि जब भी मौका मिलता है, वे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जरूर आते हैं — इससे उन्हें बहुत खुशी मिलती है। उन्होंने देश के लिए अच्छा क्रिकेट खेलने और हर खेल में आगे बढ़ने की कामना भी की।

तिलक वर्मा (फाइल फोटो) — फोटो: Mikikooo / विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY 4.0)
मैच से पहले गंभीर भी ले चुके हैं महाकाल का आशीर्वाद
उल्लेखनीय है कि तीसरे टी20 से कुछ घंटे पहले, रविवार 11 अक्टूबर को टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर भी बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक के साथ महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद गंभीर ने कहा था कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें बाबा के दर्शन हुए। उन्होंने कहा, “बाबा ने मुझे एक बार फिर आशीर्वाद दिया और यहां बुलाया, जिसकी मुझे बहुत खुशी है। मुझ पर और पूरे देशवासियों पर उनका आशीर्वाद सदैव बना रहे।”
गंभीर का महाकाल से पुराना नाता है — वह अक्सर किसी बड़े मैच या सीरीज से पहले उज्जैन आते रहे हैं। इस साल जनवरी में भी न्यूजीलैंड के खिलाफ होलकर स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे से पहले गंभीर और कोटक महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे थे और भस्म आरती में शामिल हुए थे। यानी महाकाल के आशीर्वाद का सिलसिला इस सीरीज में कोच से लेकर खिलाड़ियों तक जारी है।
गौतम गंभीर के महाकाल दर्शन, इंदौर की जीत और हैदराबाद प्रीव्यू पर हमारी स्पेशल रिपोर्ट यहां पढ़ें: महाकाल के आशीर्वाद से इंदौर में भारत की जीत, अब 14 अक्टूबर को हैदराबाद में सीरीज पर कब्जे की बारी
महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि यहां होने वाली भस्म आरती महाकाल की सबसे पवित्र और प्राचीन परंपराओं में से एक है, जिसमें शामिल होना भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव होता है।
