भोपाल ब्यूरो। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। पिछले तीन-चार दिनों में प्रदेश के कई शहरों का न्यूनतम तापमान करीब चार डिग्री तक गिर गया। अनूपपुर के अमरकंटक में पारा 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि इंदौर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। भोपाल, उज्जैन और पचमढ़ी में भी रातें ठंडी हो रही हैं। दिन में तेज धूप से गर्मी और उमस बनी रहती है, लेकिन शाम होते ही राहत का अहसास हो रहा है। न्यूज़18 के मुताबिक 6 अक्टूबर से पूर्वी मध्यप्रदेश में फिर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार बन रहे हैं।
आज कहां जारी है येलो अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 6 अक्टूबर को सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, रीवा, सतना और पन्ना में आंधी-तूफान और वज्रपात के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इन सातों जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने प्रभावित जिलों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है — आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों पर न रहें और टिन शेड या नुकीली-धारदार वस्तुओं के आसपास खड़े न हों।
7 और 8 अक्टूबर को 14 जिलों में बारिश
अमर उजाला के अनुसार मौसम विभाग ने 7 और 8 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में आंधी के साथ हल्की बारिश की चेतावनी दी है। छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट — इन 14 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं हिन्दुस्थान समाचार के मुताबिक जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर से चार दिन बारिश का दौर बना रह सकता है।
100 दिन सक्रिय रहा मानसून, फिर भी सामान्य से कम बारिश
इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून 24 जून को प्रदेश पहुंचा और 3 अक्टूबर को पूरी तरह विदा हो गया — यानी मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद सीजन की कुल बारिश 908.4 मिलीमीटर रही, जो सामान्य 949.5 मिलीमीटर से लगभग चार प्रतिशत कम है।

