15 नए इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित, 700 उद्योगों से 20 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
इंदौर | रविवार, 11 जनवरी 2026 | 19:25 IST

मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाए जाने का सकारात्मक प्रभाव इंदौर जिले में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। जिले में उद्योग स्थापना और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, इंदौर द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हजारों उद्यमियों को लाभान्वित किया गया है।
पिछले तीन वर्षों में इंदौर जिले में 15 नए इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें लगभग 700 नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। इन उद्योगों के माध्यम से 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। इससे जिले के औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।
विगत दो वर्षों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। उद्योगों के अनुकूल नीतियों और सकारात्मक बदलावों के चलते प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बेहतर औद्योगिक संस्कृति, कुशल मानव संसाधन और सुदृढ़ कनेक्टिविटी के कारण इंदौर औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।
आने वाले 3–4 वर्षों में इंदौर एक बड़े रेलवे हब के रूप में विकसित होगा। वर्तमान में जहां 100 से कम ट्रेनें संचालित हो रही हैं, वहीं भविष्य में यह संख्या बढ़कर लगभग 300 ट्रेनें हो जाएगी। इंदौर से उज्जैन–नागदा–रतलाम, इंदौर–देवास–भोपाल, इंदौर–खंडवा, इंदौर–मनमाड़ सहित छह दिशाओं में रेल कनेक्टिविटी सशक्त होगी। सड़क नेटवर्क के विस्तार से इंदौर की 700 किलोमीटर की परिधि में देश की लगभग 60 प्रतिशत आबादी को जोड़ा जा सकेगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
राज्य शासन का लक्ष्य वर्तमान 13–14 प्रतिशत लॉजिस्टिक लागत को घटाकर 7–8 प्रतिशत करना है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र सरकार की गति शक्ति लॉजिस्टिक मास्टर प्लान में भी इंदौर को शामिल किया गया है। इस योजना के अंतर्गत एडीबी बैंक द्वारा लॉजिस्टिक प्लान तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, इंदौर के महाप्रबंधक श्री स्वप्निल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 572 तथा 2025-26 में 392 उद्यमियों को लाभ प्रदान किया गया। इस प्रकार कुल 964 उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ा गया।
एमएसएमई विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिला उद्यमिता को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया। वर्ष 2024-25 में 147 तथा 2025-26 में 154 महिला उद्यमियों को लाभ मिला। इस प्रकार कुल 301 महिला उद्यमी लाभान्वित हुईं।
मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 200 इकाइयों को 191.16 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 141 इकाइयों को 137.34 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया। कुल मिलाकर 341 इकाइयों को 328.50 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान प्रदान किया गया।
इंदौर जिले में उद्यम पंजीयन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2024-25 में 18,376 तथा 2025-26 में 26,125 उद्यमों का पंजीयन हुआ। इस प्रकार दो वर्षों में कुल 44,501 उद्यम पंजीकृत हुए, जिनसे निर्माण और सेवा क्षेत्र में विस्तार हुआ तथा 1,70,678 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ।
इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के प्रारंभ में जिले की 334 ग्राम पंचायतों में से 189 पंचायतें उद्योगविहीन थीं। जिला प्रशासन एवं उद्योग विभाग के संयुक्त प्रयासों से सभी पंचायतों में उद्योग स्थापित किए गए, जिससे इंदौर जिला अब पूर्णतः उद्योगयुक्त ग्राम पंचायतों वाला जिला बन गया है। इससे 2000 से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिला है।
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, इंदौर द्वारा आगे भी उद्योगों को प्रोत्साहित कर अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य शासन की उद्योग मित्र नीतियों, ऑनलाइन सेवाओं, पारदर्शी सब्सिडी व्यवस्था और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बड़ा सुधार हुआ है। पूरे प्रदेश में अब तक लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में दी जा चुकी है।
