दूषित पानी बना काल

भागीरथपुरा में 6 महीने के अव्यान की मौत, 10 साल बाद आई किलकारी बुझी
इंदौर।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। भागीरथपुरा में अब सिर्फ 6 महीने के मासूम अव्यान साहू की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पैकेट बंद दूध में नल का पानी मिलाकर पिलाया गया और वही पानी बच्चे के लिए ज़हर बन गया।
कुछ ही घंटों में बच्चे की हालत बिगड़ी, अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस हादसे ने एक मां की गोद हमेशा के लिए सूनी कर दी।
10 साल बाद मिला था बेटा
अव्यान के पिता सुनील साहू के अनुसार, शादी के 10 साल बाद उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। मन्नतों और दुआओं के बाद आई यह खुशी महज़ छह महीने में नगर निगम की लापरवाही की भेंट चढ़ गई।
15 मौतें, फिर भी सिस्टम खामोश
दूषित पानी और उससे फैली बीमारियों से इंदौर में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त और हैजा के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। पहले बुजुर्ग, फिर महिलाएं और अब मासूम बच्चे भी इस त्रासदी का शिकार हो रहे हैं।
सवाल जो जवाब मांगते हैं
- क्या नगर निगम किसी और बच्चे की मौत का इंतजार कर रहा है?
- क्या स्वच्छता के तमगे इंसानी जान से ज्यादा कीमती हैं?
