इंदौर के निगमायुक्त दिलीप यादव को हटाया गया

इंदौर के दूषित पेयजल कांड में निगमायुक्त दिलीप यादव पर भी गिरी गाज

अपर आयुक्त सिसोनिया इंदौर से हटाए जाने के बाद किए गए निलंबित।

पीएचई प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव भी निलंबित।

इंदौर : इंदौर को अफसरशाही के हवाले करनेवाले मुख्यमंत्री मोहन यादव को भागीरथपुरा में सीवरेज युक्त गंदा पानी पीने से 15 लोगों की मौत व 200 से अधिक लोगों के अस्पतालों में भर्ती होने के बाद अहसास हुआ कि उनके चहेते अधिकारी उनकी ही सरकार की लुटिया डुबोने में लगे हैं। देर से ही सही उन्होंने इंदौर को शर्मसार करनेवाली इस घटना के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्णय लिया।

नगर निगम के आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, बाद में उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। इसी तरह अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया का पहले तबादला आदेश जारी किया गया, बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। बरसों से प्रभारी बनकर जमे हुए अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव से पहले नर्मदा जल यंत्रालय का प्रभार वापस लिया गया, बाद में उन्हें भी निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया।

शुक्रवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भागीरथपुरा मामले की विस्तृत समीक्षा के बाद इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

हालांकि इसे देर से लिया गया निर्णय माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री जब प्रभावितों से मिलने इंदौर आए थे, तभी इन अधिकारियों को हटाने का आदेश दे देते तो उससे अच्छा संदेश जा सकता था। देशभर में दूषित पेयजल कांड से किरकिरी होने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने यह निर्णय लिया, इसके चलते बीजेपी शासित निगम परिषद और प्रदेश की बीजेपी सरकार को राजनीतिक रूप से बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। यही नहीं आठ बार स्वच्छता में नंबर वन इंदौर की छवि को भी इस घटना से गहरा धक्का लगा है, जिससे उबरना आसान नहीं होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *