हेमन्त की मृत्यु डायरिया से नहीं, गंभीर बीमारी के कारण: प्रशासन

डायरिया से प्रभावित कोई भी मरीज गंभीर स्थिति में नहीं
अस्पतालों में भर्ती मरीजों का अन्य बीमारियों का भी नि:शुल्क उपचार जारी

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के डाय‍रिया से प्रभावित कोई भी मरीज गंभीर स्थिति में नहीं है। सभी मरीज डायरिया से स्वस्थ हो चुके हैं। अभी अस्पतालों मे वही मरीज भर्ती है जो पूर्व से अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित है। प्रशासन द्वारा इनका अन्य बीमारियों का इलाज कराया जा रहा है। आज एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर इंदौर में दूषित पानी से एक ओर मौत, आंकड़ा 25 पहुँचा’ असत्य एवं भ्रामक है। वास्तवित स्थिति यह है कि जिस व्यक्ति हेमन्त पिता गोविन्द की मृत्यु डायरिया से बतायी जा रही है, उसकी मृत्यु कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट से हुई है। यह व्यक्ति कैंसर से ग्रसित होकर अस्पताल में उपचाररत थे। 

      मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि उक्त‍ व्यक्ति के मृत्यु के संबंध में वस्तु स्थिति यह है कि दिनांक 20 जनवरी 2026 को हेमन्त पिता गोविन्द , उम्र 51 साल, निवासी पुलिस चौकी वाली गली भागीरथपुरा इंदौर की मृत्यु अरविन्दो अस्पताल में रात्रि 09.41 बजे हुई। चिकित्सकों द्वारा इनकी मृत्यु का कारण कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट बताया है। मृतक कैंसर से भी ग्रसित होकर उक्त बीमारी हेतु उपचाररत थे। उक्त परिस्थति में मृत्यु का वास्तविक कारण कैंसर रोग है।

      वर्तमान में भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र के सक्रिय मरीज विभिन्न चिकित्सालयों में भर्ती होकर उपचाररत है, जहॉ प्रारंभ में यह डायरिया की शिकायत के साथ भर्ती किए गए थे, किन्तु वर्तमान में वे डायरिया से पूर्णः स्वस्थ हो चुके हैं। पूर्व से ग्रसित अन्य गंभीर चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण उनका अब भी उपचार किया जा रहा है। शासन द्वारा मानवीय आधार इनका निःशुल्क उपचार जारी है।

      डॉ. हासानी ने बताया कि अपोलो हॉस्पिटल में 58 वर्षीय पुरुष का पैर में गंभीर संक्रमण एवं किडनी की बीमारी का इलाज जारी है। केयर सीएचएल चिकित्सालय में 23 वर्षीय महिला एम.टी.बी. , बेसल मेनेजाईट्स विथ हाईड्रोसिफेलस से पीड़ित हैं। अरविन्दों में 63 साल के पुरुष कई चिकित्सकीय जटिलताओं जैसे कि एम.टी.बी., उच्च रक्तचाप, वायरल हैपेटाईटिस से पीड़ित हैं। 66 वर्षीय महिला लीवर में सूजन एवं संक्रमण से पीड़ित हैं। 70 वर्षीय पुरुष गंभीर चोटों के कारण तथा एस.डी.एच. से पीड़ित हैं। दो अन्य मरीज जो कि वार्ड में भर्ती हैं, डायरिया से पूर्ण स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने की प्रक्रिया में हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल में 65 वर्षीय पुरुष मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम व इनसेफेलोपैथी से पीड़ित हैं। 65 वर्षीय महिला एवं 72 वर्षीय पुरुष सेंसरी मोटर पॉलीन्यूरोपैथी से पीड़ित है। 67 वर्षीय महिला हायपोक्सिक इस्कीमिक इनकिफेलोपैथी अथार्त मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई अस्वस्थता से पीड़ित हैं।

      भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में निवासियों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें अब तक 6365 घरों तक पहॅुच बनाकर 26 हजार 977 रहवासियों की जॉच की गई एवं ओ.आर.एस. जिंक का वितरण किया गया। मेगा माईकिंग, परामर्श, जाँच हेतु स्वास्थ्य केन्द्र तक लाना, निःशुल्क परिवहन एवं उपचार दिलाया गया एवं गैर संचारी रोगों की भी जाँच की गई।

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