पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाला बच्चन जी की पुत्री के दुखद निधन

“यूँ ही कोई कैलाश विजयवर्गीय नहीं हो जाता।”

राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, परंतु संवेदनाएँ और मानवीय रिश्ते राजनीति से कहीं ऊपर होते हैं। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बाला बच्चन जी की पुत्री के दुखद निधन पर स्वयं पहुँचकर शोक व्यक्त करना इस बात का प्रमाण है कि कैलाश विजयवर्गीय जी केवल एक बड़े राजनेता ही नहीं, बल्कि एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय व्यक्तित्व भी हैं।
दुख की इस कठिन घड़ी में राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर साथ खड़ा होना ही सच्चे नेता की पहचान होती है। ऐसे समय में दिया गया सहारा पीड़ा को कम करता है और समाज को मानवीय मूल्यों की याद दिलाता है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
