मध्यप्रदेश देश का पहला राज, जहां किसान कल्याण के लिए सालभर चलेंगी गतिविधियां
16 से अधिक विभाग समन्वय कर लाएंगे किसानों के लिए वैभव
सोयाबीन के बाद अब सरसों में भी लागू होगी भावांतर योजना
कृषि उद्योगों में किसानों की बढ़ाएंगे भागीदारी
तीन साल में 30 लाख किसानों के खेतों में लगेंगे सोलर पम्प
बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं का किया जाएगा सुदृढ़ीकरण, सभी मंडियों का होगा आधुनिकीकरण
कृषि विभाग और मंडी बोर्ड में रिक्त पदों की पूर्ति कर कृषि तंत्र को बनाएंगे मजबूत
माइक्रो इरीकेशन का बढ़ाया जाएगा दायरा
फसल नुकसानी का आधुनिक तकनीक से होगा सर्वे
तीन बड़ी नदी परियोजनाओं से 25 जिलों की 16 लाख हैक्टेयर भूमि होगी सिंचित
किसानों के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज की योजना रहेगी जारी
16 फीसदी दर से बढ़ रही है प्रदेश की कृषि दर
किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की समृद्धि है, यही हमारा एकमात्र ध्येय
मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य जहां खेती का रकबा 2.50 लाख हेक्टेयर बढ़ा
किसान कल्याण वर्ष में सरकार के दस संकल्प, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को देंगे बढ़ावा
शीघ्रनाशी फसलों वाले स्थानों पर बनाए जाएंगे फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट
कृषि उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए देंगे सब्सिडी, सोलर सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे
डिंडोरी में बनेगा मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र
मुख्यमंत्री ने किया ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली का शुभारंभ
कृषक कल्याण वर्ष पर आधारित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
किसान कल्याण वर्ष 2026 का हुआ अद्भुत आगाज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के किसानों के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और नए अवसरों का वर्ष होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन में वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की अधिकृत घोषणा की। हजारों किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, जो अपने परिश्रम से देश और समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित करना ही सरकार का एकमात्र ध्येय है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का एक साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान सम्मेलन के दौरान ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति सामधान प्रणाली (विकास पोर्टल) का रिमोट का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस दौरान कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की आमदनी बढ़ाने सहित इनकी बेहतरी और खुशहाली के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। किसान सम्मेलन में सरकार की विभिन्न योजनाओं, नवाचारों और भावी कार्ययोजना की जानकारी भी किसानों को दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन स्थल पर आयोजित विशाल कृषि प्रदर्शनी का फीता खोलकर शुभारंभ किया। गौमाता पूजन एवं उन्हें रोटी खिलाकर सम्मेलन का आगाज किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी के हर स्टॉल में जाकर मुआयना किया और संबंधितों से चर्चा भी क
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से भी किसानों को आय दिलाने का जतन करेगी। मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त् करते हुए कहा कि हमारा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पावर्ती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक एवं केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में हमने जो कहा, वह करके दिखाया है। प्रदेश में श्री अन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। सालभर विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के जरिए सरकार के 16 से अधिक विभाग/मंत्रालय आपसी समन्वय से किसानों को उनका वैभव लौटाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन के बाद अब सरसों की फसल को भी हम भावांतर योजना के दायरे में लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के विकास में किसानों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। ऐसे उद्योग लगाने वालों को सरकार सब्सिडी देगी। प्रदेश में बीज परीक्षण कार्य से जुड़ी सभी प्रयोगशालाओं को और अधिक सशक्त कर सभी मंडियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। विभागीय अमले की तेज भर्ती के लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है। कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड में सभी श्रेणी के रिक्त पदों की जल्द से जल्द पूर्ति कर प्रदेश में कृषि तंत्र को और भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का दायरा बढ़ाने की ओर भी अग्रसर है। किसानों को होने वाली फसल नुकसानी का अब आधुनिक तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। इससे किसानों को मुआवजे की राशि जल्द से जल्द मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी उपज एवं परिश्रम का बेहतर मूल्य मिल सके और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसके साथ ही प्रदेशभर में कृषि उत्सव और किसान मेलों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ खेती-किसानी में नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में पसीना बहाने वाले किसान राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च उदाहरण हैं। ऐसे में किसानों की सेवा, संबल और समृद्धि में सहयोग करना सरकार का कर्तव्य और धर्म है। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नई तकनीकों को अपनाएं, बदलते समय के साथ कदम मिलाकर चलें और खेती को आधुनिक बनाएं। किसान कल्याण वर्ष के भव्य और अद्भुत आगाज के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी अन्नदाताओं को भरोसा दिलाया कि किसानों की सुख-समृद्धि में ही सरकार का सुख है। हर कदम पर, हर जरूरत के वक्त हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता मध्यप्रदेश के माथे का तिलक हैं । जिसका तिलक खेत की मिट्टी है, वही मध्यप्रदेश का किसान है। उन्होंने कहा कि किसानों का पसीना प्रदेश की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के शुभारम्भ के साथ हम आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान, उन्नत कृषि और मूल्य श्रंखला आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के माध्यम से समृद्ध प्रदेश का निर्माण करेंगे। किसानों की आय बढ़ने और आय स्थाई करेंगे, खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे। तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सोच से खेती को उन्नत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हम कृषि आधारित उद्योग, फूड प्रोससिंग यूनिट को बढ़ावा देंगे। प्राकृतिक एवं जैविक कृषि को मिशन मोड में बढ़ावा देंगे। अपशिष्ट से बायोगैस, एथेनॉल और हरित ऊर्जा से किसान को ऊर्जादाता बनाएंगे। पर ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0′ और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रदेश के कृषि उत्पादों के ब्रांडिंग की जाएगी, निर्यात पर विशेष फोकस होगा। रिसर्च, इनोवेशन के माध्यम से कृषिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करेंगे। युवाओं को भी खेती से जोड़ेंगे। कृषि पर्यटन से गांवों में नए रोजगार और पहचान के अवसर पैदा होंगे। क
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर हम किसानों के जीवन में समृद्धि लेकर आएंगे। कृषि क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कृषि आधारित स्टार्ट-अप को बढ़ावा देंगे। मेगा फूड पार्क, कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर और लॉजिस्टिक अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे। ‘खेत से फैक्ट्री तक’ के विज़न के तहत किसानों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेत से लेकर बाजार तक किसान समर्थ, सक्षम और समृद्ध हों, यही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जिसका तिलक खेत की मिट्टी वो मध्यप्रदेश का किसान है। किसान भाइयो-बहनों के पसीने, धैर्य और अट्टू परिश्रम से ही राज्य को देश की फूड बास्केट का मुकुट पहनाया है। आज हम कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ कर रहे हैं। यह वर्ष मध्यप्रदेश के कृषि विकास और किसान कल्याण का इतिहास लिखेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान भाईयों का सुख ही हमारा सुख है। इनकी मुस्कान ही मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार है।
*किसान कल्याण के लिए सरकार के 10 संकल्प*
मुख्यमंत्री ने डॉ. यादव ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने, लागत घटाने और खेती को स्थायी करने के लिए हमारी सरकार ने 10 दिशात्मक मॉडल तैयार किये हैं। यह मॉडल हमारे लिए दस संकल्प की तरह हैं। इसके तहत हम कृषि बदलाव की बड़ी परियोजनाओं पर हम युद्ध स्तर पर काम करेंगें। किसानों की आय वृद्धि एवं वेस्ट में कमी लाने का पूरा प्रयास करेंगे। प्राकृतिक एवं जैविक कृषि को मिशन मोड पर बढ़ावा देंगे। संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए पर ‘ड्रॉप मोर क्रॉप 2.0’ और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देंगे। ककृषि अपशिष्ट से ऊर्जा बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना की जाएगा। ‘एमपी ग्लोबल एग्री ब्रांडिंग’ और ‘एग्री-हैकाथॉन’ जैसे नवाचारों पर विशेष फोकस करेंगे। प्रदेश के कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग की जाएगी, निर्यात पर फोकस होगा।, कृषि आधारित उद्योग और फूड प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा देंगे। रिसर्च, इनोवेशन एवं सशक्तिकरण की दिशा में काम किया जाएगा। युवाओं को खेती के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही आधुनिक तकनीक को खेती-किसानी का अहम हिस्सा बनाएंगे। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत सालभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए ज
वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश के हर किसान परिवार की खुशहाली के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों के उत्पाद अब निर्यात किए जाएंगे। वर्ष 2026 किसानों के कल्याण को समर्पित है। यह एक पुनीत संकल्प है। उन्होंने कहा टमाटर उत्पादन में हमारा प्रदेश, देश में प्रथम और गेहूं उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है। यह एक बड़ी उपलब्धि है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि किसानों को मदद देकर मजबूत बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस वर्ष पूरी सरकार किसानों के कल्याण के लिए समर्पित होकर काम करेगी।
खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि किसान ही देश और प्रदेश की नींव रखता है। हमारी सरकार अन्नदाताओं के साथ है। किसान की खेती-किसानी को बेहतर बनाकर पैदावार एवं आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार के 16 से अधिक विभाग मिलकर काम करेंगे। यह एक लक्ष्य की साधना का वर्ष है और हम यह संकल्प पूरा करके रहेंगे।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि किसान ही प्रदेश की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और विकास का द्वार है। किसानों से ही प्रदेश समृद्ध होगा। खेत से बाजार तक और बीज को ब्रांड बनाने तक सरकार किसानों के साथ है। यह वर्ष किसान कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।
किसान सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन सिंह पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार, राज्यसभा सदस्य बंशीलाल गुर्जर, वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर सुदेश राय, विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, जिला पंचायत अध्यक्ष भोपाल श्रीमती रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, महापौर श्रीमती मालती राय, जयपाल सिंह चावड़ा, रविन्द्र यति, आशीष अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के जिलों से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु उपस्थित थे।
